दुनिया में सबसे पहले मुर्गी आई या फिर अंडा विज्ञानिको ने ढूंढा जवाब।

दुनिया में सबसे पहले मुर्गी आई या फिर अंडा विज्ञानिको ने ढूंढा जवाब।

 

दुनिया में पहले मुर्गी आया या अंडा, इसका जवाब वर्षों से वैज्ञानिक तलाश रहे थे। अब ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने इसका जवाब ढ़ूंढ निकाला है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के मुताबिक, दुनिया में सबसे पहले मुर्गी ही आई थी।ब्रिटेन के शेफील्ड और वारविक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस पर एक अध्ययन किया। अध्ययन के लेखक डॉ. कोलिन फ्रीमैन का कहना है कि दुनिया भर के वैज्ञानिक वर्षों से इसका जवाब तलाश रहे थे कि पहले मुर्गी आया या अंडा।

फ्रीमैन ने कहा कि अध्ययन के दौरान कई वर्षों तक इसका जवाब नहीं मिल पाया। अब यह साबित हो गया है कि पहले मुर्गी ही आई थी। शोधकर्ताओं का कहना है कि अंडे के तैयार होने के लिए ओवोक्लाइडिन नाम का प्रोटीन जरूरी होता है। यही प्रोटीन अंडे के निर्माण के लिए जरूरी होता है। यह खास तरह का प्रोटीन गर्भवती होने के दौरान मुर्गी के गर्भाशय में बनता है।

 

 

इससे साफ होता है कि पहले मुर्गी आई थी अंडा नहींशोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान पता लगाने के लिए हाईटेक कंप्यूटर हेक्टर (एचईसीटीओआर) का इस्‍तेमाल किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने अंडे के खोल (ऊपरी हिस्सा) का मॉलीक्यूलर स्‍ट्रक्‍चर समझा। अध्ययन के दौरान पाया गया कि ओवोक्लाइडिन प्रोटीन की मदद से कैल्‍श‍ियम कार्बोनेट अंडे के खोल में बदलने लगते हैं।

 

धीरे-धीरे यह खोल सख्‍त होने लगता है। शोधकर्ता डॉ. कोलिन का कहना है कि कैल्‍सिट क्रिस्‍टल मुर्गियों की हड्डि‍यों और अंडे के खोल में पाया जाता है। जब अंडा पूरी तरह से तैयार हो जाता है तो यह बाहर आ जाता है। ज्यादातर मुर्गियां हर 24 से 36 घंटे में अंडे देती हैं। ताजे अंडों को रोजाना हटा देना चाहिए वर्ना मुर्गी अंडों पर तब तक बैठ सकती है जब तक वो दूसरा अंडा नहीं दे देती।

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